साहिबगंज के स्कूल में हाजिरी का खेल! रजिस्टर में 529 छात्र, मिले सिर्फ 150, मिड-डे-मील में केला और अंडा!
साहिबगंज जिले के बरहड़वा प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली सामने आई है। दैनिक जागरण की पड़ताल में उत्क्रमित मध्य विद्यालय लालमाटी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रजिस्टर में जहां 529 छात्रों की हाजिरी दर्ज थी, वहीं स्कूल में केवल 150 बच्चे ही मौजूद मिले। यह स्थिति तब है जब स्कूल में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होती है और कुल 688 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल में केवल चार शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से एक कंप्यूटर शिक्षक हैं और एक अवकाश पर थे।
स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सादेमान अली ने बताया कि रेल परीक्षा के कारण कुछ बच्चे परीक्षा देकर घर चले गए थे, इसलिए कम बच्चे थे। हालांकि, बच्चों ने बताया कि मध्याह्न भोजन (मिड-डे-मील) नहीं बना था और उन्हें केवल केला मिला। पिछले चार-पांच दिनों से यही हाल है। शिक्षकों ने यह भी बताया कि उन्हें अब तक स्वेटर की राशि नहीं मिली है, जिससे ठंड में बच्चों को परेशानी हो रही है। स्कूल में दिव्यांग बच्चों के लिए बने शौचालय में भी ताला लटका हुआ था।
इसी तरह, प्राथमिक विद्यालय बरारी की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां की इकलौती शिक्षिका स्वर्णमयी सोरेन ने बताया कि 54 नामांकित बच्चों में से 50 बच्चे आए थे, लेकिन मिड-डे-मील न बनने के कारण वे भी घर चले गए। बच्चों को केवल एक अंडा दिया गया। स्कूल में चारदीवारी न होने के कारण रात में जुआरियों का जमावड़ा लगा रहता है और शरारती तत्व बरामदे को गंदा कर देते हैं।
बीपीओ सुनील टुडू ने दावा किया कि चावल के अभाव में मिड-डे-मील बंद नहीं किया जाता और चावल आवंटित कर भेजा जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
