अलीगढ़ में सड़क पर नमाज का प्रयास, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अदा की ईद की नमाज
अलीगढ़ में ईद उल फितर के अवसर पर शाहजमाल ईदगाह में नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि, कुछ लोगों ने ईदगाह के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश की, जिसे पुलिस और शहर मुफ्ती के हस्तक्षेप से रोका गया। बाद में इन लोगों ने ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा की। इस घटना के बीच, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की जामा मस्जिद में शिया समुदाय ने एक अलग अंदाज में ईद की नमाज अदा की।
ईरान में हुए हमलों के विरोध में शिया समुदाय का प्रदर्शन
शिया समुदाय के लोगों ने ईरान में हाल ही में हुए हमलों और 170 बच्चों की शहादत के गम में काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में शियाओं ने इमाम ए जुमा मौलाना ज़ाहिद हुसैन रिजवी के नेतृत्व में नमाज पढ़ी। नमाज के बाद खुतबे में मौलाना रिजवी ने रमजान से सीखी बातों पर अमल करने और नेक काम करने की ताकीद की। उन्होंने ईरान की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शिया कौम अपने रहबर लीडर आयतुल्लाह खामेनेई के गम में शरीक है, इसलिए कोई खुशी का इजहार नहीं किया जा रहा है।
सड़क पर नमाज के प्रयास पर प्रशासन की कार्रवाई
शाहजमाल ईदगाह में जलभराव के कारण कुछ लोगों ने ईदगाह के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ने का प्रयास किया था। पुलिस ने माइक से अपील कर लोगों को दूसरी पाली में नमाज पढ़ने के लिए कहा। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने स्पष्ट किया कि किसी ने भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी, बल्कि सभी नमाजें ईदगाहों और मस्जिदों में शांतिपूर्वक संपन्न हुईं।
इस घटना का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन की सतर्कता महत्वपूर्ण है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर समुदाय की प्रतिक्रियाएं भी सामाजिक ताने-बाने का हिस्सा बनती हैं।
