केजीएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित, महिला रेजीडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप; KGMU news
लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। बाल रोग विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर महिला रेजीडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ और अभद्रता के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है और छात्रों व कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।
पीड़ित महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मोबाइल पर अनावश्यक व आपत्तिजनक मैसेज भेजे। शिकायत मिलने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर सात सदस्यीय विशाखा कमेटी को जांच सौंपी गई है।
जांच और निलंबन की प्रक्रिया
विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं और आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर से भी पूछताछ की गई है। केजीएमयू प्रवक्ता के अनुसार, जांच प्रभावित न हो, इसके लिए आरोपी को निलंबित कर दिया गया है और निलंबन अवधि के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की सच्चाई का पता लगाया जा रहा है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
संस्थान में पहले भी सामने आए ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब `KGMU news` में इस तरह के आरोप सामने आए हैं। संस्थान का इतिहास ऐसी कई घटनाओं से दागदार रहा है, जहां डॉक्टर, कर्मचारी और रेजीडेंट डॉक्टर तक पर यौन उत्पीड़न और अभद्रता के आरोप लगे हैं। पूर्व में भी नर्सिंग छात्रा के यौन शोषण, रेजिडेंट डॉक्टर पर ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के प्रयास, तथा हॉस्टल कर्मचारी द्वारा छेड़छाड़ जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं पर अंकुश न लग पाना चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है और संस्थान की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है। केजीएमयू प्रशासन इन मामलों पर कार्रवाई करता रहा है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति चिंता का विषय है।
