गीता प्रेस के कल्याण पत्रिका का शताब्दी अंक, अमित शाह करेंगे विमोचन
गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ अपने प्रकाशन के सौ वर्ष पूरे कर चुकी है। इस उपलक्ष्य में पत्रिका का एक विशेष शताब्दी अंक प्रकाशित किया जा रहा है। यह अंक उपनिषदों, शुक्ल यजुर्वेद, श्रीरामचरितमानस व महाभारत से लिए गए मंगलाचरण और पथ प्रदर्शक आचार्यों के ज्ञान से समृद्ध होगा। साथ ही, यह साधना के विभिन्न आयामों पर भी गहराई से प्रकाश डालेगा।
लगभग 650 पृष्ठों के इस विशेषांक में 352 लेखों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसमें 30 मनमोहक रंगीन और 70 सादे चित्र भी हैं। इस विशेष अंक की छपाई एक खास तरह के आर्ट पेपर पर की जा रही है, जो इसकी गुणवत्ता को बढ़ाता है।
कल्याण के शताब्दी अंक में अतुल्य भारत, अतीत की शिक्षा, निर्माण कला, वैमानिक कला, नक्षत्र विज्ञान, वाद्ययंत्रों से संबंधित लेख भी उपलब्ध हैं। पाठक आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, निम्बार्काचार्य, गुरु गोरक्ष नाथ, संत ज्ञानेश्वर सहित 20 प्रमुख आचार्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, स्वास्थ्य, भोजन, भ्रमण, कर्म, विश्राम, रोगों से बचाव और रक्तदान के महत्व पर भी लेख शामिल हैं।
अब तक ‘कल्याण’ पत्रिका के भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, निष्काम कर्मयोग, वर्ण धर्म, आश्रम धर्म, सदाचार, नारी धर्म आदि विषयों पर 99 विशेषांक प्रकाशित हो चुके हैं। पत्रिका की शुरुआत 1926 में मुंबई से हुई थी, लेकिन 1927 से इसका कार्यालय गीताप्रेस गोरखपुर में स्थानांतरित हो गया और पहला विशेषांक ‘भगवन्नामांक’ के रूप में प्रकाशित हुआ। यह शताब्दी अंक पत्रिका का 100वां विशेषांक है।
गीता प्रेस के प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने बताया कि शताब्दी अंक का प्रकाशन कार्य तेजी से चल रहा है और अगले सप्ताह तक यह विमोचन के लिए तैयार हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 17 जनवरी से 23 जनवरी तक ऋषिकेश के गीता भवन में आयोजित होने वाले कल्याण महोत्सव के दौरान इस महत्वपूर्ण अंक का लोकार्पण करेंगे। इस महोत्सव का आयोजन पत्रिका के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
