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30KM की दूरी 50 मिनट में तय कर एम्बुलेंस चालक ने बचाई गर्भवती की जान, गणतंत्र दिवस पर होगा सम्मान

By Jan 20, 2026

बलिया में 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाएं आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। रेवती क्षेत्र के उदहा गांव में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार ने 102 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया। लखनऊ कंट्रोल से तत्काल एम्बुलेंस चालक अभिनव राव को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही अभिनव राव महज चार मिनट में गांव पहुंच गए। कच्चे और क्षतिग्रस्त रास्तों के बावजूद, उन्होंने 13 मिनट में महिला को रेवती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया।

इसके बाद, एम्बुलेंस ने जाम और भीड़-भाड़ वाले रास्तों से गुजरते हुए 30 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 50 मिनट में तय की और गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई। पिछले ढाई महीनों में, अभिनव ने 600 से अधिक मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई है।

एम्बुलेंस सेवाओं का महत्व
दुर्घटना, बीमारी या गर्भावस्था के दौरान समय पर अस्पताल पहुंचना मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित होता है। 108 और 102 सेवाएं जनपद में 38-38 एम्बुलेंस के साथ संचालित हैं। गर्भवतियों के लिए 102 सेवा और आपातकालीन मामलों के लिए 108 एम्बुलेंस के पायलट (चालक) और सहयोगी ईएमटी (Emergency Medical Technician) बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।

गणतंत्र दिवस पर सम्मान
एम्बुलेंस सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दस एम्बुलेंस चालकों और ईएमटी को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। 108 व 102 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रोग्राम मैनेजर प्रभाकर यादव ने बताया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन आवश्यक है। इस वर्ष चालक अभिषेक राव, राजेंद्र, मुरली चौहान, अजय कुमार, बंश और ईएमटी राजकुमार, अनीता और सोनाली सहित दस कर्मचारियों को सीएमओ के हाथों सम्मानित किया जाएगा।

यह घटना उन अनगिनत कहानियों में से एक है जहाँ एम्बुलेंस सेवाएँ लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होती हैं। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और उनकी तत्परता आम जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में।

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