सोने और चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने सराफा बाजार की रौनक छीन ली है। अलीगढ़ में ग्राहक नदारद हैं और चांदी की ज्वैलरी का भी संकट खड़ा हो गया है। कारोबारियों को चांदी...
सोने और चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने सराफा बाजार की रौनक छीन ली है। अलीगढ़ में ग्राहक नदारद हैं और चांदी की ज्वैलरी का भी संकट खड़ा हो गया है। कारोबारियों को चांदी के लिए तीन से चार दिन इंतजार करना पड़ रहा है। पुरानी चांदी लेकर आने वाले ग्राहक भी कम हो गए हैं।
हालांकि, ऑनलाइन सट्टेबाजी और गोल्ड व सिल्वर शेयरों में निवेशक खूब पैसा लगा रहे हैं। चांदी की कीमतों में आए रिकॉर्ड इजाफे से ज्वैलरी और ठोस चांदी की मांग में भारी कमी आई है। लोगों की पहुंच से चांदी बाहर हो गई है, जिससे छोटे सराफा कारोबारी टूट सकते हैं। मौजूदा अस्थिरता के चलते बड़े कारोबारी भी सहमे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बीच धातुओं की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। चांदी 2.70 लाख रुपये प्रति किलो और 24 कैरेट सोना 1.46 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया है।
फरवरी में सहालग शुरू होने वाले हैं, लेकिन सराफा बाजार में खरीदारों के कदम नहीं बढ़ रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार, एडवांस देने के बाद भी तीन से चार दिन में चांदी मिल पा रही है। तैयार ज्वैलरी भी केवल 50 फीसदी कारोबारियों के पास ही उपलब्ध है। भारी वजन की ज्वैलरी कोई भी एडवांस में खरीदकर नहीं ला रहा है।
महिलाओं की पायल और बिछुए जैसी खरीदारी भी प्रभावित हुई है। जो बिछुए पहले 500-800 रुपये में मिलते थे, अब तीन हजार रुपये के हो गए हैं। पायल 10-15 हजार रुपये से शुरू हो रही है, जबकि पिछले साल इसी कीमत में भारी वजन की पायल मिल जाती थी।
ऑनलाइन सट्टेबाजी ने बाजार का गणित पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पहले जहां सिर्फ सर्राफ सट्टेबाजी करते थे, वहीं अब डीमैट अकाउंट खोलकर आम लोग भी चांदी और गोल्ड के शेयरों में निवेश कर रहे हैं। वे सुबह खरीदकर शाम को बेच रहे हैं। पिछले साल 90-95 हजार रुपये प्रति किलो वाली चांदी अब 2.70 लाख रुपये को पार कर चुकी है।
यह उछाल वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की कमजोरी के कारण है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, यह स्थिति सराफा बाजार में ‘बैठक’ ला सकती है, लेकिन लंबी अवधि में कीमतें ऊंची रहने की उम्मीद है, जिससे ज्वेलरी और औद्योगिक मांग पर असर पड़ रहा है। मांग में कमी के कारण कुछ खरीदार मुनाफावसूली कर रहे हैं या इंतजार कर रहे हैं। निवेशक पोर्टफोलियो को संतुलित कर रहे हैं, कुछ मुनाफा बुक कर रहे हैं, जबकि लंबी अवधि के निवेशक खरीदारी जारी रख सकते हैं।
धातु रेट:
गोल्ड 24 कैरेट: 1.46 लाख रुपये प्रति दस ग्राम
गोल्ड 22 कैरेट: 1.32 लाख रुपये प्रति दस ग्राम
गोल्ड 18 कैरेट: 1.11 लाख रुपये प्रति दस ग्राम
चांदी: 2.70 लाख रुपये प्रति किलो
सराफा कारोबारियों की राय:
विजय अग्रवाल, संचालक सोनी ज्वैलर्स, का कहना है कि कीमतों में इजाफे का असर बाजार पर पड़ रहा है, ग्राहक कम हो गए हैं। रेट और बढ़े तो स्थिति बिगड़ जाएगी। सोने-चांदी के भाव में स्थिरता की आवश्यकता है।
शीपू सर्राफ, सराफा कारोबारी, के अनुसार, बाजार में चांदी की उपलब्धता नहीं है, तीन से चार दिन में मिल रही है। दिनभर इंतजार के बाद भी ग्राहक नहीं हैं। पायल व बिछुए खरीदने वाले ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी ने बाजार का गणित बिगाड़ दिया है।