Aligarh news: पेट के कीड़ों से बच्चों की सेहत पर खतरा, 19 लाख बच्चों को मिलेगी कृमि नाशक दवा
अलीगढ़ में इन दिनों बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में पेट दर्द, भूख न लगना, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याओं वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इन लक्षणों के पीछे मुख्य कारण बच्चों के पेट में पनप रहे कीड़े हैं। ये कीड़े धीरे-धीरे बच्चों के शरीर को कमजोर कर देते हैं और उनके विकास को बाधित करते हैं।
इसी खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में व्यापक कृमि मुक्ति अभियान चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी और निजी स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जिले के लगभग 19 लाख बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्त कर उनके शारीरिक और मानसिक विकास को सुरक्षित करना है।
भारतीय शिशु रोग अकादमी के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बंसल के अनुसार, पेट के कीड़े बच्चों के शरीर से पोषक तत्वों को सोख लेते हैं। इससे बच्चों में कमजोरी, खून की कमी, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई में ध्यान न लगना और वजन कम होने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई बार बच्चों के पेट में सूजन और बार-बार बीमार पड़ने की समस्या भी सामने आती है।
बच्चों में पेट के कीड़ों के मुख्य लक्षणों में बार-बार पेट दर्द, भूख कम लगना, वजन न बढ़ना, खून की कमी और रात में दांत पीसना शामिल हैं। इससे बचाव के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं। बच्चों को हमेशा हाथ धोकर खाना खिलाना चाहिए, खुले में शौच से बचना चाहिए, फल और सब्जियों को धोकर सेवन करना चाहिए, नाखून छोटे रखने चाहिए और बच्चों को मिट्टी खाने से रोकना चाहिए।
