अलीगढ़ गैंगवार: जेल में आरोपियों को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट किया गया, सुरक्षा बढ़ाई
अलीगढ़ में हाल ही में हुई गैंगवार की घटना के बाद, पुलिस छह नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस बीच, जेल प्रशासन ने गैंगवार में शामिल सभी आरोपियों को सुरक्षा के मद्देनजर तीन अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया है। यह कदम किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह घटना 12 मार्च की रात को हुई थी, जब सराय हकीम निवासी हर्षद हिंदू और आगरा रोड स्थित शांतिकुंज निवासी शशांक पंडित के गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। पुलिस ने इस मामले में 12 नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
शुरुआत में, इन आरोपियों को क्वारंटाइन बैरक में रखा गया था, लेकिन बाद में उन्हें नियमित बैरकों में स्थानांतरित कर दिया गया। चूंकि आरोपी दो अलग-अलग गुटों से संबंधित हैं, जेल प्रशासन ने उन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा है। हिस्ट्रीशीटर हमजा सहित कुछ ऐसे आरोपी भी हैं जो घटना के समय मौके पर बुलाने पर पहुंचे थे। ऐसे आरोपियों को किसी भी गुट में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें तीसरे समूह के रूप में एक अलग बैरक में रखा गया है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। केवल उन्हीं लोगों से मुलाकात की अनुमति दी गई है जिनसे उनके दस-दस नाम लिए गए हैं।
जमानत पर सुनवाई आज
इस मामले में पांच आरोपियों की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई होगी। यशनंदन गुप्ता, प्रफुल्ल, आयुष, यश गोयल ने जमानत अर्जी डाली है, जबकि प्रखर राठी ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है।
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