अखिलेश यादव का बड़ा दांव: कन्नौज में 1522 बूथों पर ‘प्रदेश प्रहरी’ तैनात, SIR के जरिए वोटरों को साधने की रणनीति
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दांव चला है। आगामी चुनावों को देखते हुए, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश स्तरीय नेताओं को ब्लॉक स्तर पर ‘प्रदेश प्रहरी’ के रूप में नियुक्त किया है कि अधिक से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। यह रणनीति न केवल वोटरों को साधने के लिए है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए है कि भाजपा के कथित प्रयासों से कोई भी सपा समर्थक मतदाता सूची से बाहर न हो जाए।
पार्टी ने जिले में 1522 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात किए हैं। इन बीएलए के काम की निगरानी के लिए, अखिलेश यादव ने कन्नौज की छिबरामऊ, सदर और तिर्वा तहसील के आठ में से सात ब्लॉकों पर प्रदेश स्तरीय नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। उदाहरण के लिए, सदर ब्लॉक में प्रदेश उपाध्यक्ष इरफानुल हक कादरी और तिर्वा ब्लॉक में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव नाथ सपेरा को नियुक्त किया गया है। ये ‘प्रदेश प्रहरी’ रोजाना गांव-गांव जाकर बीएलए से फार्म भरने की प्रगति की जानकारी जुटा रहे हैं।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के महासचिव अखिलेश कटियार को भी लगाया है। कटियार को उन नेताओं की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है जो SIR प्रक्रिया में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष कलीम खान के अनुसार, लखनऊ कार्यालय को प्रगति रिपोर्ट भेजी जा रही है, और पार्टी हित में काम न करने वाले नेताओं पर नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम दर्शाता है कि सपा आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को लेकर कितनी गंभीर है और जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
