आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र, जो विश्व धरोहर ताजमहल और आगरा किला के लिए जाना जाता है, में विकास की तस्वीर उम्मीदों के विपरीत है। भले ही शहर की विकास यात्रा का प्रतीक मेट्रो ट्रेन इसी...
आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र, जो विश्व धरोहर ताजमहल और आगरा किला के लिए जाना जाता है, में विकास की तस्वीर उम्मीदों के विपरीत है। भले ही शहर की विकास यात्रा का प्रतीक मेट्रो ट्रेन इसी क्षेत्र में सबसे पहले दौड़ी, लेकिन ताज भी यहां विकास के फूल नहीं खिला सका है। ढाई दशक से अधिक समय से ताजमहल की सुरक्षा पाबंदियों के चलते नगला पैमा के निवासियों को आज तक एक सुगम रास्ता नहीं मिल पाया है।
क्षेत्र की सड़कों की हालत चिंताजनक है, जहाँ गड्ढे या तो सड़कों में हैं या सड़कों में गड्ढे। देवरी रोड पर बारिश होते ही जलभराव एक आम समस्या बन जाती है, जबकि उखर्रा में सड़कें और गलियां टूटी-फूटी पड़ी हैं। अर्जुन नगर के निवासी रोजाना जाम से जूझते हैं। ताजनगरी फेज-टू में पिछले एक साल से चल रहा सीएम ग्रिड का काम लोगों की परेशानियां और बढ़ा रहा है।
बसई में लगने वाली अवैध मंडी से उत्पन्न जाम की समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। क्षेत्रीय विधायक बड़े विकास कार्यों का दावा करते हैं, लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल के समापन के करीब आने और चुनावी सरगर्मी तेज होने के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। दैनिक जागरण की पड़ताल ने आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. जीएस धर्मेश के रिपोर्ट कार्ड पर सवाल खड़े किए हैं।
फतेहाबाद रोड पर मेट्रो के कारण आगरा स्मार्ट सिटी में हुए विकास कार्य कई जगहों पर खराब हो चुके हैं, जिससे सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। ताजनगरी फेज-टू के निवासी पुष्पेंद्र शर्मा के अनुसार, बसई मोड़ पर लगने वाली अवैध सब्जी मंडी ने जाम को स्थायी समस्या बना दिया है, जिससे लगभग दो लाख लोग प्रभावित हैं।
सीएम ग्रिड के तहत बन रही सड़क आज तक पूरी नहीं हो सकी है। उखर्रा नहर के पास की सड़कें और गलियां टूटी हुई हैं, और नहर के पास से निकलने का कोई रास्ता नहीं है। कीचड़ के कारण वाहन चालक आए दिन फिसल जाते हैं। सुल्तानपुरा और कृष्णानगर जैसे इलाकों में भी स्थिति खराब है, जहाँ पिछले 10 वर्षों में कोई खास विकास कार्य नहीं हुआ है।
ताजमहल के साये में बसे नगला पैमा की स्थिति और भी गंभीर है। वर्ष 2000 से लागू सुरक्षा पाबंदियों का खामियाजा यह क्षेत्र भुगत रहा है। दुकान संचालक चिरंजीलाल बताते हैं कि ताजमहल के पूर्वी गेट से वाहनों को आने-जाने की अनुमति नहीं है, जिसके कारण उन्हें नौ-दस किलोमीटर का चक्कर लगाकर धांधूपुरा होकर जाना पड़ता है। इससे रिश्तेदारों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया है।
विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने अपने कार्यकाल में देवरी रोड को आरसीसी से बनवाने, 12 करोड़ रुपये की लागत से मधु नगर चौराहा से सेमरी का ताल तक आरसीसी रोड का निर्माण, और रुई की मंडी, बारहखंभा, नगला छउआ रेलवे फाटक पर 115 करोड़ रुपये की लागत से रेल ओवरब्रिज स्वीकृत कराने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि काम पूरा होने पर क्षेत्र के लोगों को जाम से निजात मिलेगी। शिल्पग्राम में यूनिटी माल के लिए 128 करोड़ रुपये का प्रस्ताव उनके अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकृत किया था। नगला पैमा के लिए वैकल्पिक रास्ता बनवाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रस्तावित नाले के ऊपर स्लैब डालकर रास्ता बनाने की योजना उपयुक्त नहीं पाई गई। अब नाले के किनारे पथकर निधि से वैकल्पिक रास्ता बनवाने का प्रयास किया जा रहा है।
विधायक धर्मेश ने स्वीकार किया कि मेट्रो व अन्य योजनाओं के काम की वजह से सड़कें खराब हुई हैं, लेकिन उन्होंने छावनी क्षेत्र की सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी छावनी परिषद की बताई, जहाँ वे कुछ नहीं कर सकते।
दूसरी ओर, पूर्व सपा प्रत्याशी कुंवरचंद वकील ने आरोप लगाया कि छावनी विधानसभा क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में कोई विकास नहीं हुआ है। सेवला और नगला भरती में जलभराव की समस्या बनी हुई है, और सड़कें व गलियां टूटी पड़ी हैं। वंचित समाज के क्षेत्रों में सड़कों और गलियों पर ध्यान नहीं दिया गया है। नगर निगम के विद्यालयों में सफाई और चहारदीवारी की कमी है। नरीपुरा की गलियां कच्ची हैं और ऊंच-नीच होने के कारण पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती है। देवरी रोड पर नाले की जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है और नगर निगम के सफाई कर्मचारी क्षेत्र में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि इसी तरह काम करते रहे तो जनता दूसरे को मौका देगी।