नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया पर एलिवेटेड रोड का खतरा, कारोबारियों में आक्रोश
आगरा के नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित उद्योगों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा प्रकाश नगर से रामबाग चौराहे तक एलिवेटेड रोड बनाने के प्रस्ताव ने यहां के फैक्ट्री संचालकों को चिंतित कर दिया है। यह एलिवेटेड रोड नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया से होकर गुजरेगा, जिससे यहां के कारोबार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
फैक्ट्री ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी चिंताएं साझा करते हुए कहा कि एलिवेटेड रोड के निर्माण से ट्रकों में माल की लोडिंग और अनलोडिंग करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, बड़े वाहनों का आवागमन भी बाधित होगा, जो ट्रांसपोर्टेशन को लगभग नामुमकिन बना देगा। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित निर्माण के लिए जगह-जगह खुदाई की जाएगी, जिससे इंडस्ट्रियल एरिया में पहले से डली बिजली और गैस की लाइनें क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। ऐसी किसी भी दुर्घटना से बड़ा नुकसान हो सकता है और मजबूरन फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ सकता है।
नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया को आगरा के व्यापार की रीढ़ माना जाता है। यहां करीब 200 फैक्ट्रियां संचालित हैं, जिनमें सर्जिकल उपकरणों, इंजीनियरिंग उत्पादों और कपड़ों का उत्पादन होता है। इनके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में भी लगभग 150 छोटे-बड़े कारखाने हैं। इन सभी इकाइयों में लगभग 40 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके भरोसे 2 लाख लोगों की रोजी-रोटी टिकी हुई है। यहां से उत्पादित सर्जिकल उपकरणों की आपूर्ति न केवल देश भर में, बल्कि विदेशों में भी होती है। इन फैक्ट्रियों का सालाना टर्नओवर करोड़ों में है और इनसे सरकार को भी बड़ा राजस्व प्राप्त होता है।
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के कारण न केवल लाखों लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ेंगी, बल्कि सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर इस निर्माण का विरोध करेंगे और अपने कारोबार तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने शासन-प्रशासन से एलिवेटेड रोड के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने की मांग की है, ताकि विकास कार्य भी हो सके और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र भी सुरक्षित रहे।
इसके अलावा, इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि कई बार ऊंची बाउंड्रीवॉल बनाने की मांग के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बाउंड्रीवॉल न होने से असामाजिक तत्वों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे फैक्ट्री परिसर की सुरक्षा प्रभावित होती है। नियमित सफाई और नालियों की सुचारू व्यवस्था भी एक अन्य समस्या है जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
यमुना पर आगरा मेट्रो पुल का निर्माण फिर शुरू, काम में आएगी तेजी
आधार सेवा केंद्र 5 दिसंबर तक बंद, जानिए कार्ड बनवाने का विकल्प
पूर्व प्राचार्य डॉ. शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज, दस्तावेज व चाबियां न सौंपने का आरोप
बहू के उकसाने पर बेटे ने की आत्महत्या, पिता ने ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
दुबई-कंबोडिया के साइबर गैंग का पर्दाफाश, आगरा से आठ गिरफ्तार
ताजमहल के शहर में नए साल का जश्न: होटल इंडस्ट्री तैयार
GST बकाया वसूली का लक्ष्य: आगरा जोन में हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने के निर्देश
ट्रंप जूनियर का भारत दौरा: ताज, मंदिर, बाघ और बॉलीवुड का जलवा
