हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद फिरोजाबाद में मंगल बाजार शिफ्ट करने पर सहमति
फिरोजाबाद की सर्द सुबह मंगलवार को मंगल बाजार के इर्द-गिर्द गरमा गई, जब हिंदूवादी संगठनों ने इसके विरोध का ऐलान किया। इस घोषणा के मद्देनजर, स्थानीय प्रशासन ने सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था और कोटला चुंगी पर बैरीकेडिंग भी लगा दी गई थी। हिंदूवादी संगठनों के साथ-साथ आसपास के दुकानदार और तिलक नगर के निवासी भी बड़ी संख्या में दाऊदयाल महिला महाविद्यालय के सामने एकत्रित हो गए। वहीं, मंगल बाजार के दुकानदार भी अपनी जगह पर इकट्ठा होकर धरना देने लगे, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
ओवरब्रिज के नीचे लगने वाले इस मंगल बाजार का विरोध लंबे समय से चल रहा है। हिंदूवादी संगठनों ने पहले भी कई बार आंदोलन किया है और ज्ञापन सौंपे हैं। हाल ही में, विश्व हिंदू परिषद ने मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान किया था, जिससे बाजार लगने पर संशय और गहरा गया था। किसी भी टकराव की आशंका को देखते हुए, पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। कोटला चुंगी से बोधाश्रम चौराहे तक पुलिसकर्मी और वाहन तैनात दिखे।
तनाव को देखते हुए, प्रशासन ने सुबह से ही हिंदूवादी संगठनों को मनाने का प्रयास शुरू कर दिया था। नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार और क्षेत्राधिकारी प्रवीन तिवारी ने विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा से वार्ता की। काफी देर चली बातचीत के बाद, प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर मंगल बाजार को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद, हिंदूवादी संगठन विरोध प्रदर्शन स्थगित करने पर सहमत हो गए, और दोपहर बाद मंगल बाजार लग सका।
इस बीच, मंगल बाजार को लेकर व्यापारियों के दो गुटों में भी मतभेद सामने आए। उद्योग व्यापार मंडल जहां बाजार का विरोध कर रहा था, वहीं फिरोजाबाद व्यापार मंडल इसका समर्थन कर रहा था। विरोध करने वाले गुट का कहना था कि मंगल बाजार से छोटे व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं, जबकि समर्थक गुट का तर्क था कि जब तक फड़ विक्रेताओं को दूसरी जगह नहीं दी जाती, तब तक बाजार हटाना उचित नहीं है।
हालांकि, पुलिस की मौजूदगी के कारण मामला नियंत्रण में रहा। मंगल बाजार लगने के बाद भी पुलिस का सतर्कता अभियान जारी रहा ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के आश्वासन पर फिलहाल विरोध वापस लिया गया है, लेकिन यदि 15 दिनों में बाजार स्थानांतरित नहीं होता है, तो वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
