संभल हिंसा की बरसी पर प्रशासन सतर्क, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई
संभल में 24 नवंबर 2023 को जामा मस्जिद में एएसआई (ASI) सर्वे को लेकर हुई हिंसा की पहली वर्षगांठ के मद्देनजर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। जामा मस्जिद, आसपास के चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस, पीएसी (PAC) और आरआरएफ (RRRF) के जवानों को तैनात कर दिया गया है। चौकसी बढ़ाते हुए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
सोमवार को हिंसा की पहली बरसी मनाए जाने के मद्देनज़र शहर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। पिछले कुछ दिनों से ही पुलिस अधिकारियों ने शहर में सतर्कता बढ़ा दी थी, और रविवार से ही जामा मस्जिद के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ASP) के अनुसार, भीड़भाड़ वाले सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बलों की आवाजाही बढ़ा दी गई है। गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की जा रही है और आने-जाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे इलाके की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है, और नियंत्रण कक्ष से गतिविधियों पर पल-पल की जानकारी रखी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, अन्य मोबाइल पुलिस यूनिटों को लगातार गश्त करने का निर्देश दिया गया है। हिंसा की बरसी को देखते हुए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है। किसी भी भड़काऊ पोस्ट या संदेश पर तत्काल कार्रवाई करने की तैयारी है। प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है ताकि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
गौरतलब है कि संभल हिंसा मामले में गिरफ्तार 97 आरोपियों में से अब तक 23 जमानत पर बाहर आ चुके हैं, जिनकी गतिविधियों पर पुलिस कड़ी निगरानी रखेगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस वर्षगांठ पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
