0

दुबई एयर शो में तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट शहीद, भारत की स्वदेशी क्षमता पर सवाल?

By Nov 22, 2025

दुबई में आयोजित एक प्रतिष्ठित एयर शो में भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने देश को गहरा सदमा पहुंचाया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में विमान उड़ा रहे बहादुर पायलट ने अपनी जान गंवा दी। यह घटना भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता के प्रतीक माने जाने वाले तेजस की क्षमताओं और भविष्य की भूमिका पर एक बार फिर चर्चा को प्रेरित करती है।

एयरक्राफ्ट का आधिकारिक नाम ‘तेजस’ तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चार मई, 2003 को रखा था। इस बहुचर्चित विमान का उत्पादन वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। भारतीय वायुसेना ने एक जुलाई, 2016 को तेजस का पहला स्क्वाड्रन स्थापित किया, जिसके बाद एक अप्रैल, 2020 को दूसरे स्क्वाड्रन का निर्माण हुआ।

तेजस एक हल्का, सिंगल-सीटर और सिंगल-जेट इंजन वाला स्वदेशी लड़ाकू विमान है, जिसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा किया गया है। इसे 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट माना जाता है। इसकी सबसे खासियतों में से एक इसका फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम है, जो इसे कलाबाजी दिखाने में भी सक्षम बनाता है। विमान का ढांचा कार्बन फाइबर से निर्मित है, जो इसे पारंपरिक धातु के ढांचे वाले विमानों की तुलना में काफी हल्का और मजबूत बनाता है। इसके उन्नत सेंसर और रडार सिस्टम पायलट को दुश्मन के विमानों और जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलों की सटीक जानकारी प्रदान करते हैं।

तेजस लड़ाकू विमान हवाई रक्षा, जमीनी हमलों और समुद्री अभियानों जैसे विभिन्न भूमिकाओं में पूरी तरह सक्षम है। यह विमान 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। दुश्मन पर सटीक हमला करने के लिए इसमें हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल और हवा से जमीन पर हमला करने के लिए आधुनिक लेजर गाइडेड बमों से लैस किया गया है। इसकी क्षमताएं पुराने मिग विमानों से कहीं बेहतर हैं और इसकी तुलना मिराज 2000 जैसे विमानों से भी की जाती है। भविष्य में, अपग्रेड के साथ तेजस विमान मिराज 2000 की जगह लेने की क्षमता रखता है।

तेजस मार्क 1 का उन्नत संस्करण जल्द ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने वाला है। इसके अलावा, तेजस मार्क 2 भी भारतीय वायुसेना में जल्द ही अपनी सेवाएं देना शुरू कर देगा। तेजस मार्क 2, जो कि 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा, जनरल इलेक्ट्रिक के एफ-414 इंजन से संचालित होगा। यह स्वदेशी उत्तम एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैंड ऐरे (एईएसए) रडार से लैस होगा। इसके हथियार प्रणाली में हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र-एमके-2 मिसाइल, हवा से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस एनजी, एंटी-रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-2 और लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइलें शामिल होंगी, जो इसे और भी अधिक घातक बनाएंगी।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें