कासगंज हत्याकाण्ड: 6 साल बाद 7 दोषियों को उम्रकैद, 10-10 हजार का जुर्माना
कासगंज के सदर कोतवाली क्षेत्र में छह साल पूर्व हुई एक युवक की हत्या के मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी न्यायालय ने सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले ने जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह घटना 10 जुलाई 2019 की रात की है, जब मोहल्ला नबाव निवासी अमीनिद्दीन ने कोतवाली में सूचना दी थी कि उनके पुत्र दानिश की घर के बाहर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है। आरोप के अनुसार, मोहल्ले के ही इमरान, इरफानी, कमरुद्दीन, आरिफ, नईम, फहीम और नासिर ने मिलकर दानिश को घेर लिया और उस पर चाकुओं से तब तक वार किए जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया था और जांच शुरू कर दी थी।
जांच के बाद पुलिस ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। एक आरोपी इमरान को घटना के अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके पास से हत्या में प्रयुक्त छुरा भी बरामद हुआ था। इसके बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं, गवाह पेश किए गए।
शुक्रवार की दोपहर, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट धनंजय कुमार मिश्रा ने सभी सात आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि प्रत्येक दोषी से 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला जाए। विशेष लोक अभियोजक लोकेश कुमार ने पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी की। इस बड़े फैसले को लेकर न्यायालय परिसर और जिले में लोगों के बीच काफी चर्चा है।
