कटिहार में 15 करोड़ की बाढ़ रोधी संरचना गंगा में समाई, भ्रष्टाचार की आशंका
कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड में गंगा नदी के बढ़ते कटाव को रोकने के लिए करोड़ों की लागत से बनाई गई संरचना खुद नदी की भेंट चढ़ गई है। बबला बन्ना गांव के समीप लगभग 70 मीटर लंबी क्रेटेड बोल्डर एप्रोन बुधवार की सुबह अचानक नदी में समा गई। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए निराशाजनक है और उन्होंने निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने तत्काल उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।
वर्ष 2024 में ही 15 करोड़ रुपये की भारी लागत से इस कटावरोधी संरचना का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। लगभग 500 मीटर में फैली इस संरचना का 70 मीटर हिस्सा कटकर गंगा में समा जाने से शेष 430 मीटर पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा है। इस घटना के बाद बबला बन्ना, कोढ़ाबाद, युसूफ टोला, सुबेदार टोला, भादु टोला सहित दर्जन भर से अधिक बस्तियों के लोग कटाव के डर से सहमे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार की सुबह से ही नदी के कटाव की गति तेज हो गई थी। देखते ही देखते कटावरोधी संरचना का एक बड़ा हिस्सा नदी की तेज धारा में बह गया। कटाव स्थल के पास स्थित जामा मस्जिद का कुछ हिस्सा भी इस घटना में क्षतिग्रस्त हो गया है।
सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग के आला अधिकारी हरकत में आ गए। अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, मुख्य अभियंता अनवर जलील और बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटिहार के कार्यपालक अभियंता अनिरुद्ध कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्थानीय पंचायत समिति सदस्य हबीबुर रहमान, मोहम्मद लतीफ, मेफताउर, आलमगीर आदि ने बताया कि बबला बन्ना गांव पिछले कई वर्षों से गंगा के कटाव से त्रस्त है। अब तक सैकड़ों परिवार इस कारण विस्थापित हो चुके हैं। कटावरोधी कार्य से उन्हें कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब इस संरचना के बह जाने से उनकी चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर समय रहते कटाव को नहीं रोका गया तो जामा मस्जिद भी पूरी तरह नदी में विलीन हो सकती है। मस्जिद परिसर में संचालित मदरसा सुलेमानिया बबला बन्ना के भी खतरे में होने की बात कही जा रही है।
