मधुबनी नगर निगम का बड़ा फैसला: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र अब 11 दिन में!
मधुबनी नगर निगम ने जनसेवा कार्यों में तेजी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में सुधार करते हुए, लंबित आवेदनों को 11 दिनों के भीतर निपटाने का निर्देश दिया है।
नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने इस पहल की निगरानी के लिए कमर कस ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने संबंधित शाखाओं की दैनिक निगरानी शुरू कर दी है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर आयुक्त ने विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान पाया कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े कई आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, उन्होंने कर्मचारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन की प्रगति की रिपोर्ट प्रतिदिन ली जाएगी, और देरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, निगम प्रशासन ने ट्रेड लाइसेंस के नवीनीकरण, नए लाइसेंस जारी करने और भवन नक्शा पासिंग की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में इन विभागों में काम की गति लगभग दोगुनी हो गई है, जिससे नागरिकों को काफी राहत मिल रही है।
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा निर्मित विवाह भवन को सुसज्जित करने का काम तेजी से चल रहा है। भवन की साफ-सफाई, रंग-रोगन, फर्नीचर और अन्य सुविधाओं को अपडेट किया जा रहा है। निगम का कहना है कि जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे कम खर्च में विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा।
इसके साथ ही, नगर आयुक्त ने बताया कि नगर क्षेत्र के तालाबों और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए इंजीनियरिंग टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। कई तालाबों की सफाई, किनारों पर पथ निर्माण और लाइटिंग की योजना बनाई गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए नए पार्क बनाने और पुराने पार्कों के जीर्णोद्धार का काम भी प्रस्तावित है।
इस पहल से मधुबनी के नागरिकों को जनसेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा, जिससे शहर में विकास और सुधार की गति को बढ़ावा मिलेगा। नगर निगम की यह सक्रियता निश्चित रूप से सराहनीय है।
