ब्रह्मपुर चुनाव 2025: शंभू को चुनौती देने वाले गांव में ही हारे, जमानत भी गंवाई
ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र के चक्की पंचायत में राजद का दबदबा बरकरार रहा, जहां निर्दलीय प्रत्याशी शंभू नाथ यादव को चुनौती देने में बुरी तरह विफल रहे। सूत्रों के अनुसार, निर्दलीय प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई, जो राजद के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे।
पिछले चुनाव में भारी जीत दर्ज करने वाले शंभू नाथ यादव ने इस बार कड़े मुकाबले में एनडीए को हराकर अपनी जीत दर्ज की। चक्की पंचायत में राजद का दबदबा कायम रहा, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी बुरी तरह पिछड़ गए। चक्की पंचायत में 9213 वोट डाले गए, जिसमें से शंभू यादव को अकेले 7068 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी को केवल 418 वोट मिले, जो उनकी हार का कारण बना।
चक्की गांव जिले में यादव मतदाताओं की संख्या वाला सबसे बड़ा गांव है, जहां शंभू नाथ यादव निवासी हैं। निर्दलीय प्रत्याशी नीतीश कुमार ने पहले राजद का टिकट पाने का दावा किया था, लेकिन टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा। बसपा प्रत्याशी महावीर यादव भी मतदाताओं को गोलबंद करने में असफल रहे।
चुनाव में, निर्दलीय प्रत्याशी ने राजद के वोट बैंक को हथियाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहे। पूरे विधानसभा क्षेत्र में उन्हें केवल 1932 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी महावीर यादव भी चक्की में स्वजातीय और आधार वोट पाने में असफल रहे और 181 वोट लेकर निर्दलीय से भी पिछड़ गए।
चक्की पंचायत में विकास के वादे के बावजूद, मतदाताओं ने पुराने समीकरणों को प्राथमिकता दी, जिससे एनडीए प्रत्याशी हुलास पांडे को हार का सामना करना पड़ा। पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा को मिले वोट इस बार विधानसभा चुनाव में नहीं मिल पाए, जिससे राजद को फायदा हुआ।
प्रखंड की तीन अन्य पंचायतों में भी महागठबंधन और एनडीए के बीच दिलचस्प मुकाबला रहा। हालांकि, गांव की खराब सड़कों और ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था से परेशान मतदाताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। चुनाव में अपने ही गांव के किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं करने वाले 73 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
इस चुनाव में, निर्दलीय प्रत्याशियों की हार ने स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय समीकरण और मतदाताओं की वफादारी अब भी महत्वपूर्ण कारक हैं।
