मोक्षदा एकादशी 2025: दीपक के उपायों से पाएं सुख-शांति, जीवन होगा मंगलमय
मोक्षदा एकादशी, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है, इस वर्ष 01 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। यह एकादशी मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष में आती है और मान्यता है कि इसे विधि-विधान से करने पर व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन पवित्रता और भक्ति के साथ भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना की जाती है।
इस वर्ष का संयोग विशेष है क्योंकि मोक्षदा एकादशी के साथ ही गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को भगवद गीता का सार समझाया था, जो आज भी जीवन जीने की कला सिखाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और जीवन में सुख-शांति, समृद्धि बनाए रखने के लिए कुछ विशेष उपाय करना बहुत ही फलदायी माना जाता है। इनमें दीपक से जुड़े उपाय प्रमुख हैं। ऐसे उपाय न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि नकारात्मकता को दूर कर वास्तु दोषों को भी शांत करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, मोक्षदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद, एक मिट्टी या पीतल का दीपक लें और उसमें शुद्ध घी भरकर, रुई की बाती लगाएं। दीपक जलाकर भगवान विष्णु के समक्ष रखें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। शाम के समय, घर के मुख्य द्वार पर या तुलसी के पौधे के पास भी एक दीपक जलाना शुभ माना जाता है। यह उपाय घर में धन-धान्य की वृद्धि करता है और पारिवारिक सुख-शांति बनाए रखता है।
यह भी सलाह दी जाती है कि इस दिन व्रत रखने वाले को सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए। व्रत के नियम और विधि-विधान का पालन करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। एकादशी के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है, जिससे पुण्य फलों में वृद्धि होती है।
