पटना के मोइनुलहक स्टेडियम का 500 करोड़ से होगा कायाकल्प, नई निविदा जारी
पटना के राजेंद्र नगर स्थित मोइनुलहक स्टेडियम का अब ₹500 करोड़ की अनुमानित लागत से पुनर्विकास किया जाएगा। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नई निविदा जारी की है, जिसमें निर्माण कार्य को निविदा स्वीकार होने के बाद दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह स्टेडियम 40 हजार दर्शकों की क्षमता के साथ एक अत्याधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधा प्रदान करेगा।
एक बार निर्माण पूर्ण हो जाने पर, मोइनुलहक स्टेडियम राजगीर के बाद बिहार का दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बन जाएगा। यह राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा और विश्व कप, आईपीएल और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी करने में सक्षम होगा। यह बिहार के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जो अपने शहर में बड़े मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे।
योजना के तहत, स्टेडियम परिसर में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैदान, इनडोर क्रिकेट प्रैक्टिस एरिया, प्रैक्टिस नेट, वीडियो विश्लेषण केंद्र और एक आधुनिक जिम जैसी सुविधाएं होंगी। क्रिकेट के अलावा, यहां लॉन टेनिस, तरणताल, बैडमिंटन और वॉलीबॉल जैसे अन्य खेलों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। खिलाड़ियों और मेहमानों के लिए आधुनिक ड्रेसिंग रूम, वीआईपी लाउंज, प्रेस बॉक्स, क्लब हाउस, पांच सितारा होटल, हॉस्टल और स्पा जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश की एक कंपनी स्काई लाइन को निविदा प्रक्रिया के तहत निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था, जिसने स्टेडियम का प्रारूप भी तैयार कर बीसीए को सौंप दिया था। हालांकि, बीच में ही उस निविदा को रद्द कर दिया गया था। बीते वर्ष नवंबर में, राज्य सरकार ने मोइनुलहक स्टेडियम को 30 वर्षों के लिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को लीज पर दिया था, जिसके बाद निर्माण का जिम्मा भी बीसीए को सौंपा गया। तब इसके निर्माण पर ₹700 करोड़ खर्च होने की बात कही गई थी, जिसे अब ₹500 करोड़ कर दिया गया है।
सुरक्षा प्रबंधों को बेहतर बनाने के साथ-साथ, पटना मेट्रो के भूमिगत स्टेशन के विस्तार से जुड़ी परिवहन सुविधा भी स्टेडियम परिसर में उपलब्ध होगी, जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों को आने-जाने में आसानी होगी। यह परियोजना न केवल खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि पटना को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगी।
