मधुबनी में धान खरीद धीमी, 10 प्रखंडों में अब तक नहीं हुई शुरुआत
मधुबनी जिले में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया ने अब तक गति नहीं पकड़ी है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है। खरीद प्रक्रिया शुरू हुए 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इस अवधि में जिले के 10 प्रखंडों में धान की खरीद शुरू भी नहीं हो पाई है। शेष प्रखंडों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है, जहां अब तक महज 24 किसानों से 154.810 मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई है।
आंकड़ों के अनुसार, रविवार को केवल 4 किसानों से 4.050 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जो प्रक्रिया की धीमी गति को दर्शाता है। जिले में धान बेचने के लिए कुल 1813 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 1091 रैयत किसान और 722 गैर-रैयत किसान शामिल हैं। इनमें से अधिकांश (1778) किसानों ने पैक्स समितियों के माध्यम से धान बेचने के लिए आवेदन किया है, जबकि 35 किसानों ने व्यापार मंडल का विकल्प चुना है।
धान अधिप्राप्ति के लिए जिले में कुल 88 पैक्स समितियों का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त, 10 राइस मिलों का भी चयन किया गया है, जिन्हें व्यापार मंडल तथा पैक्स समितियों के साथ टैग करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, जिले को अभी तक धान अधिप्राप्ति के लिए कोई विशिष्ट लक्ष्य आवंटित नहीं किया गया है। चयनित सभी पैक्स समितियों को धान अधिप्राप्ति के पहले चरण के लिए आवश्यक राशि भी आवंटित की जा चुकी है।
जिला सहकारिता पदाधिकारी सुदर्शन कुमार ने बताया कि धान कटाई में तेजी आने और विधानसभा चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही धान अधिप्राप्ति में भी तेजी आने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में खरीद प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी और अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल पाएगा। वर्तमान धीमी गति के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को समय पर उनके धान का उचित मूल्य मिल सके।
