प्रदूषण का कहर: ग्रेनो देश का दूसरा, नोएडा तीसरा सबसे प्रदूषित शहर
दिल्ली-एनसीआर से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे क्षेत्र के लाखों निवासियों का दम घुट रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 419 रहा। वहीं, नोएडा 385 के AQI के साथ देश का तीसरा सबसे प्रदूचित शहर रहा। दोनों ही शहर ‘गंभीर’ श्रेणी में बने हुए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है।
नवंबर माह में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब हवा की गुणवत्ता में कोई उल्लेखनीय सुधार देखा गया हो। शहर के चारों निगरानी स्टेशनों में से दो ने हवा को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया, जबकि अन्य ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहे। तापमान में गिरावट के साथ ठंड भी बढ़ गई है, रविवार रात को न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। ठंड बढ़ने से प्रदूषक कण हवा में निचले स्तर पर टिके हुए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।
प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आंखों और नाक में जलन की शिकायतें आम हो गई हैं। कई लोग स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए मास्क लगाकर घरों से निकल रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर एप के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 125 और 116 सर्वाधिक प्रदूषित दर्ज किए गए, जहां AQI 400 के पार रहा। वहीं, सेक्टर 62 और सेक्टर 1 का AQI क्रमश: 336 और 374 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म कणों की अत्यधिक मात्रा लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-3) की पाबंदियां लागू हैं, लेकिन इनका वायु गुणवत्ता पर कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नोएडा प्राधिकरण की टीमें GRAP-3 के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, समीर एप के माध्यम से रोजाना 10 से 15 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क पर उड़ती धूल और निर्माण कार्यों से संबंधित होती हैं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, हवा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है, जिससे शहरवासी स्वच्छ हवा के लिए तरस रहे हैं।
