आगरा के रामलीला पार्क में प्रवेश शुल्क पर घमासान: मुफ्त एंट्री के बावजूद लौट रहे लोग
आगरा के पॉश इलाके जयपुर हाउस स्थित रामलीला पार्क में प्रवेश शुल्क को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक अगस्त से पार्क में 3000 रुपये का वार्षिक प्रवेश शुल्क लागू होने के बाद से ही यहां आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुल्क न देने वाले सुबह टहलने वालों को बैरंग लौटना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
इस नए नियम का सीधा असर पार्क में चलने वाली योगा कक्षाओं पर पड़ा है, जो अब ठप पड़ गई हैं। कई बुजुर्ग जो नियमित रूप से यहां टहलने आते थे, अब दूसरे पार्कों में जाने को मजबूर हैं। इसी तरह, बच्चों को भी खेलने के लिए नए ठिकाने तलाशने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शुल्क आम आदमी की पहुंच से बाहर है और पार्क पर ‘कुछ लोगों का कब्जा’ प्रतीत होता है।
विवाद के बीच, पार्क प्रबंधन सोसायटी ने जयपुर हाउस कॉलोनी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश निशुल्क कर दिया है। हालांकि, इस छूट के बावजूद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के अन्य हिस्सों से आने वाले बुजुर्ग और स्थानीय निवासी इस भेदभावपूर्ण नीति का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. जनक सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और नगरायुक्त से शिकायत की है। उनका कहना है कि अक्षम लोग इस शुल्क को देने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम ने अमृत योजना के तहत पार्क में फुटपाथ चौड़ा करने, ओपन जिम सहित अन्य कार्यों पर एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ऐसे में सभी के लिए प्रवेश नि:शुल्क होना चाहिए। शिकायत के बाद, 23 सितंबर को नगर निगम ने सोसायटी को पत्र लिखकर शुल्क नहीं वसूलने के निर्देश दिए थे।
स्थानीय निवासी मुनेंद्र वार्ष्णेय ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “पार्क पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है, जिससे योग क्लास, बुजुर्गों का टहलना और बच्चों का खेलना सब प्रभावित हो गया है।” अनिल सिंह सिसौदिया ने कहा कि 15 वर्ष के बच्चों और बुजुर्गों सभी को नि:शुल्क प्रवेश मिलना चाहिए और प्रतिदिन की टिकट की व्यवस्था होनी चाहिए। टीचर्स कॉलोनी, जयपुर हाउस के एसपी मदनावत ने सवाल उठाया, “हम 70 वर्षीय हैं और कोई अराजकता नहीं करते, फिर प्रवेश के लिए क्यों रोका जा रहा है? सभी के लिए तीन हजार रुपये वार्षिक शुल्क देना मुश्किल है।”
वहीं, पार्क सोसायटी के अध्यक्ष अनिल वर्मा ने शुल्क वसूली का बचाव करते हुए कहा कि जयपुर हाउस कॉलोनी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्क को नि:शुल्क किया गया है। उन्होंने बताया कि शुल्क व्यवस्था असामाजिक तत्वों के जमावड़े को रोकने, क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और महिलाओं को असहज स्थिति से बचाने के लिए की गई है। वर्मा ने दावा किया कि पास जारी करके आने वालों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है और पूरी कॉलोनी की सहमति से यह व्यवस्था लागू की गई है।
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