अमेरिका: क्या गांजा उपयोगकर्ता रख पाएंगे बंदूक? सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न पर विचार करने के लिए तैयार है: क्या गांजा का सेवन करने वाले व्यक्ति कानूनी रूप से बंदूकें रख सकते हैं? यह मामला 2022 में अदालत द्वारा बंदूक अधिकारों का विस्तार करने वाले ऐतिहासिक फैसले के बाद सामने आया है, और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
न्याय विभाग ने ट्रंप प्रशासन की ओर से टेक्सास के एक युवक, अली डेनियल हेमानी के खिलाफ एक गंभीर अपराध के मामले को फिर से शुरू करने का अनुरोध किया है। हेमानी पर कथित तौर पर बंदूक रखने और नियमित रूप से गांजा का सेवन करने का आरोप है। निचली अदालत ने उस संघीय कानून को रद्द कर दिया था जो किसी भी अवैध मादक पदार्थ का सेवन करने वाले लोगों को बंदूक रखने से रोकता है। पांचवीं अमेरिकी सर्किट अपील अदालत ने इस प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया था, यह तर्क देते हुए कि यह सर्वोच्च अदालत के बंदूक अधिकारों के विस्तृत दृष्टिकोण के तहत वैध नहीं है।
सरकारी वकीलों का तर्क है कि यह प्रतिबंध सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक उचित और आवश्यक कदम है। उनका कहना है कि नियमित रूप से नशीली दवाओं का सेवन करने वाले व्यक्ति सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, और इसलिए उन्हें बंदूक रखने से रोकना वैध है। वहीं, हेमानी के वकीलों का तर्क है कि यह कानून अत्यधिक व्यापक है और लाखों अमेरिकियों को तकनीकी उल्लंघनों के जोखिम में डालता है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 20% अमेरिकियों ने गांजा का सेवन किया है। इसके अलावा, लगभग आधे अमेरिकी राज्यों ने मनोरंजक मारिजुआना को वैध कर दिया है, हालांकि संघीय कानून के तहत यह अभी भी अवैध है।
यह मामला अमेरिका में बंदूक संस्कृति और मादक पदार्थों से संबंधित कानूनों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला संघीय और राज्य कानूनों के बीच एक जटिल संतुलन स्थापित कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब कई राज्य मारिजुआना को वैध बना रहे हैं। इस मामले पर बहस संभवतः 2026 की शुरुआत में होगी, और गर्मियों की शुरुआत तक फैसला आने की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत किस तरह से दूसरे संशोधन अधिकारों और सार्वजनिक सुरक्षा की चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करती है।
