दरभंगा विधानसभा: त्रिकोणीय मुकाबले में 60% मतदान ने बढ़ाई प्रत्याशियों की धड़कनें
डिजिटल डेस्क, दरभंगा। बिहार विधानसभा चुनाव में आम और मखाना के उत्पादन के लिए मशहूर दरभंगा सीट पर इस बार कांटे का मुकाबला देखने को मिला। लगभग 60% मतदान दर्ज होने के बाद, प्रत्याशियों और राजनीतिक विश्लेषकों की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि अब सभी को चुनाव परिणाम का इंतजार है, जो यह निर्धारित करेगा कि दरभंगा का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।
बागमती नदी के किनारे बसे दरभंगा विधानसभा क्षेत्र में 2005 से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय सरावगी का दबदबा रहा है। इस चुनाव में भी भाजपा ने उन पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। हालांकि, इस बार उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
संजय सरावगी का मुख्य मुकाबला मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के प्रत्याशी उमेश सहनी से माना जा रहा है। वहीं, द प्लुरल्स पार्टी की संस्थापक पुष्पम प्रिया चौधरी ने भी दरभंगा सीट की लड़ाई को और दिलचस्प बना दिया है, जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। इसके अतिरिक्त, जन सुराज पार्टी ने आर.के. मिश्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो इस लड़ाई को और भी बहुकोणीय बना रहे हैं।
दरभंगा विधानसभा क्षेत्र में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान हुआ था। आंकड़ों के अनुसार, इस बार 59.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले चुनाव (2020) में इस सीट पर 55.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। मतदान प्रतिशत में यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने में काफी उत्साह दिखाया है, जिससे परिणाम को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जो जल्द ही घोषित किए जाएंगे।
