बढ़ते प्रदूषण में आंखों की जलन और खुजली से कैसे बचें, जानें सही तरीका | health news
बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों को आंखों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंखों में चुभन, जलन और खुजली की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए लोग अक्सर घरेलू उपाय के तौर पर आंखों पर पानी के छींटे मारते हैं या मेडिकल स्टोर से बिना सलाह आई ड्रॉप ले आते हैं।
चिकित्सकों का मानना है कि आंखों में जलन होने पर बार-बार पानी डालना या आई ड्रॉप का उपयोग करना पूरी तरह से समस्या के कारण पर निर्भर करता है। धूल, धुआं, एलर्जी, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल या आंखों में सूखापन इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। हमारी आंखों पर प्राकृतिक रूप से आंसुओं की एक पतली परत (टियर फिल्म) होती है, जो नमी बनाए रखती है। बार-बार आंखों को धोने से इस प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आंखों में सूखापन के कारण जलन हो रही है, तो चिकित्सक की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप या आर्टिफिशियल टियर्स का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, हर समस्या के लिए एक ही दवा प्रभावी नहीं होती। बिना डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड युक्त आई ड्रॉप डालना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। यदि आंख में कोई बाहरी कण जैसे धूल चली जाए, तो साफ पानी के हल्के छींटे मारे जा सकते हैं।
यदि आंखों में लगातार तेज दर्द, अत्यधिक लालिमा, धुंधलापन या कीचड़ आने जैसी गंभीर समस्याएं बनी रहें, तो स्व-चिकित्सा से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते उचित इलाज मिल सके और दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सके।
