मिड टर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में इजरायल और अमेरिका | international news
मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिका और इजरायल संभावित रूप से ईरान के खिलाफ एक तीव्र और लक्षित सैन्य अभियान की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। योजना के तहत ईरान के परमाणु केंद्रों, मिसाइल-ड्रोन भंडारों और रणनीतिक ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है, जिससे तेहरान को परमाणु मुद्दों पर झुकने के लिए मजबूर किया जा सके।
रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस संभावित हमले में ईरान के गहरे पहाड़ों में स्थित गुप्त परमाणु ठिकानों को भी परखा जा रहा है। अमेरिका में इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि ऊर्जा संयंत्रों पर हमले से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसी ऊहापोह के बीच इजरायल ने अपनी सैन्य तैयारियों का प्रदर्शन करते हुए ईरानी सीमा के समीप बड़े पैमाने पर वायुसेना का अभ्यास भी किया है, जिसे एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, तेहरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई का जवाब बेहद कड़ाई से दिया जाएगा। ईरान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जवाबी कार्रवाई क्षेत्रीय ऊर्जा संयंत्रों और डिजिटल बुनियादी ढांचे तक फैल सकती है। इस पूरे घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शांति को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं, जिससे कूटनीतिक हल निकालने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
