तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई के बयानों पर राजनीतिक घमासान | politics news
राजनीतिक गलियारों में इन दिनों तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अन्नामलाई ने हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा एक संगठन के नेताओं पर की गई कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यदि कोई सरकार की नीतियों या पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है, तो उसे तुरंत विदेशी एजेंट करार दे दिया जाता है, जो कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि हालांकि वह संबंधित संगठन के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं, लेकिन देश के नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने और सवाल पूछने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार के सामने पांच अहम सवाल भी रखे, जिनमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नियमों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े कानूनी पहलू शामिल थे। उनके इस रुख से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं कि क्या वह पार्टी लाइन से अलग राह पकड़ रहे हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने अन्नामलाई के इन बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद उनके बयानों में बड़ा बदलाव आया है और वह अब राजनीतिक लाभ के लिए पाला बदल रहे हैं। बीजेपी ने उनके पूर्व के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि एक पूर्व आईपीएस अधिकारी होने के नाते उन्हें कानून-व्यवस्था और पुलिस की बाध्यताओं की बेहतर समझ होनी चाहिए। इस बयानबाजी के बाद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है, जिसका सीधा असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
