CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर अभिजीत दिपके का बयान, सौरव और आशुतोष को बताया मुख्य रणनीतिकार | national politics
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके ने पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद एक विस्तृत वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के आंदोलनों से जुड़े सभी बड़े फैसले और रणनीतियां वही दोनों तैयार करते थे। दिपके के अनुसार, बाहर भले ही ऐसा प्रतीत होता हो कि वह मुख्य चेहरा हैं, लेकिन असल संचालन सौरव और आशुतोष ही करते थे।
गिरफ्तारी का भावनात्मक असर और पारिवारिक संबंध
दशहरा के अवसर पर जारी किए गए 16 मिनट के इस वीडियो में दिपके ने दोनों सह-संयोजकों को अपने भाई और परिवार का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों की निर्णय लेने की क्षमता उनसे बेहतर थी और वह केवल उनके आदेशों का पालन करते थे। उनकी गिरफ्तारी से दिपके पर गहरा भावनात्मक असर पड़ा है। उन्होंने साझा किया कि वे तीनों एक व्हाट्सएप ग्रुप पर सक्रिय थे जहां मीम्स साझा किए जाते थे, और अब भी उस ग्रुप को देखने पर उन्हें दोनों के होने का अहसास होता है।
जंतर-मंतर पर हुई थी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास करने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उन पर बंद गेट पार कर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने और पहले हस्ताक्षरित पीस बॉन्ड का उल्लंघन करने का आरोप है। इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर भी नारेबाजी की गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के घटनाक्रमों से युवा संगठनों और आंदोलनों की कार्यप्रणाली पर प्रशासनिक और कानूनी शिकंजा कसता है, जिसका सीधा असर उनके समर्थकों के मनोबल पर पड़ता है।
अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान
फ्रांस के दंगों से CJP के प्रदर्शन की तुलना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने कहा कि उनके साथियों ने जेल जाने के बावजूद शांति और करुणा का मार्ग चुना। उन्होंने इसकी तुलना महात्मा गांधी के सत्याग्रह से करते हुए कहा कि विरोध के दौरान भी अहिंसा का दामन नहीं छोड़ा गया। फिलहाल, आगामी दिवाली तक पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की योजना नहीं बनाई गई है और समर्थकों से अपने परिवारों के साथ समय बिताने की अपील की गई है।
