कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले में कई खुलासे, सामने आईं मौत की ये चार बड़ी वजहें | kolkata stampede news
कोलकाता के चर्चित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के मामले में प्रशासन की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आयोजकों की बड़ी लापरवाही की परतें उधड़ रही हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से यह साफ हो गया है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। इस दुखद घटना ने बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा संकट पैदा होता है।
जांच के दायरे में आए तथ्यों के मुताबिक इस हादसे की चार मुख्य वजहें सामने आई हैं। सबसे पहले, पंडाल का प्रवेश द्वार काफी संकरा था और भगदड़ जैसी स्थिति बनने पर लोग उसी रास्ते से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। दूसरा, पंडाल का अंदरूनी ढांचा किसी भूलभुलैया जैसा था और वहां पर्याप्त रोशनी न होने के साथ लाइट शो चल रहा था, जिसके कारण लोग एक ही जगह पर ठहर गए और भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ गया।
तीसरा, भारी बारिश और ढांचा गिरने की अफवाह के बीच लाउडस्पीकर से पंडाल खाली कराने की घोषणा कर दी गई, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भारी भ्रम और भगदड़ मच गई। इस अफरातफरी के माहौल ने स्थिति को और अधिक भयावह बना दिया। प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए एहतियातन घटनास्थल के आसपास 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू कर दी है और इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लेकर एसआईटी के जरिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
