दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले संसद मार्ग थाने के बाहर हंगामा, एनएसयूआई अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में | national news
राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल उस وقت तेज हो गई जब एक तरफ प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी और दूसरी तरफ छात्र संगठन के प्रदर्शन ने तूल पकड़ लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग और मतदाता सूची में अनियमितताओं के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा यह मार्च बुलाया गया है, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन और हिरासत
गुरुवार देर रात संसद मार्ग थाने के बाहर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने महिला सदस्यों के साथ मारपीट की और शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया। इसी नाराजगी के चलते कार्यकर्ता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया। संगठन का दावा है कि उनके शांतिपूर्ण सत्याग्रह को दबाने की कोशिश की जा रही है और वे न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासनिक सख्ती और धारा 163 लागू
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को प्रशासनिक कारणों से बंद रखा गया है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। मार्च के आयोजक ने दावा किया है कि पुलिस उन्हें कभी भी हिरासत में ले सकती है, लेकिन वे तिरंगा लहराने के अपने संकल्प पर अडिग हैं और इसके लिए जेल जाने को भी तैयार हैं।
