गोरखपुर के रामगढ़ताल में स्वच्छता का नया अध्याय: ड्रोन निगरानी और प्राकृतिक जल शोधन
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रामगढ़ताल की पर्यावरणीय स्वच्छता और सौंदर्य को बहाल करने के लिए एक बहुआयामी अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, ताल में प्लास्टिक, मलबा और अन्य कचरा फैलने से रोकने के लिए फ्लोटिंग बूम और बूम बैरियर लगाए गए हैं। प्राधिकरण ने पैडलेगंज और आरकेबीके क्षेत्रों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही, समग्र निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग शुरू कर दिया है।
ताल की खूबसूरती को प्रभावित कर रही गंदगी को गंभीरता से लेते हुए, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने स्थायी निस्तारण के निर्देश दिए थे। इसके परिणामस्वरूप, पिछले साल अक्टूबर से दैनिक सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत ताल किनारे जमा प्लास्टिक और अन्य मलबे को हटाया जा रहा है। ताल में गिरने वाले नालों पर अब स्टेनलेस स्टील की जाली भी लगाई गई है, ताकि ठोस कचरा सीधे पानी में न जा सके।
दीर्घकालिक समाधान के तौर पर, प्राधिकरण ने शहर के बड़े नालों से ताल में आ रहे गंदे पानी को साफ करने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत प्राकृतिक विधि से नालों के पानी को शुद्ध किया जाएगा और इस क्षेत्र की ड्रेजिंग भी कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, ताल क्षेत्र के सुंदरीकरण के लिए स्टोन पिचिंग, ग्रिल, फुटपाथ और रिंग रोड के विकास कार्य भी गति पकड़ रहे हैं।
ताल के आसपास अतिक्रमण और गंदगी को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। नौका विहार रोड पर ठेला-खोंमचा लगाने वाले वेंडरों को हटाने के लिए जीडीए का प्रवर्तन दल निरंतर अभियान चला रहा है और आवश्यकतानुसार ठेलों को जब्त भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दैनिक जागरण ने भी पैडलेगंज रिंग रोड के पास फैल रहे कचरे की ओर प्राधिकरण का ध्यान आकृष्ट कराया था, जिसके बाद यह पहल और तेज हुई है। इन प्रयासों से रामगढ़ताल अपनी खोई हुई रौनक फिर से हासिल कर सकेगा और शहरवासियों के लिए एक स्वच्छ व सुंदर पर्यटन स्थल बना रहेगा।
