फ्लाईदुबई विमान में क्रैश एक्स से को-पायलट का हमला, सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल | international news
दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान हैरान कर देने वाली घटना घटी, जब विमान के कॉकपिट में ही को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर क्रैश एक्से यानी आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले में कैप्टन के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। इस घटना ने पूरी दुनिया की विमानन एजेंसियों को चौंका दिया है क्योंकि हमलावर ने किसी बाहरी हथियार की तस्करी नहीं की थी, बल्कि विमान के अंदर ही पहले से मौजूद एक सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल किया।
अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत हर वाणिज्यिक विमान के कॉकपिट में यह कुल्हाड़ी रखना अनिवार्य होता है। इसका मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में जान बचाना होता है, जैसे कि पैनलों के पीछे छिपी बिजली के तारों में लगी आग को बुझाने के लिए दीवारों को काटना या विमान दुर्घटना के समय जाम हुए निकास द्वारों को तोड़कर नया रास्ता बनाना। सामान्य परिस्थितियों में यह उपकरण पूरी तरह सुरक्षित और प्रशिक्षित क्रू की पहुँच में रहता है। लेकिन इस बार जिस तरह से एक भरोसेमंद सह-पायलट ने इसका दुरुपयोग किया, उससे एयरलाइंस की आंतरिक सुरक्षा और क्रू सदस्यों की मानसिक स्थिति की जाँच पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता पैदा हो गई है।
इस घटना का असर यह हुआ है कि आम जनता से लेकर बड़े राजनेताओं तक ने विमानन सुरक्षा के कड़े मानकों पर चर्चा शुरू कर दी है। एयरपोर्ट पर यात्रियों के सामान की सघन जाँच होती है और छोटे नुकीले सामान भी जब्त कर लिए जाते हैं, लेकिन कॉकपिट के भीतर मौजूद यह धारदार हथियार अब विमान सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती बन गया है। विमानन उद्योग को अब ऐसे कड़े उपाय तलाशने होंगे जिससे जीवन रक्षक उपकरण किसी भी स्थिति में सुरक्षा के लिए खतरा न बनें।
