बिना बाइक और स्कूटी के भी ऐसे बन सकते हैं डिलीवरी पार्टनर | business news
भारत में गिग इकोनॉमी तेजी से फैल रही है और इसके साथ ही क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे जेप्टो, स्विगी और ब्लिंकिट पर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करने की चाह रखने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है। आमतौर पर यह माना जाता है कि डिलीवरी का काम करने के लिए खुद की मोटर बाइक या स्कूटी होना अनिवार्य है, लेकिन अब ऐसा नहीं है [business news]। बिना पेट्रोल वाहन के भी इस क्षेत्र में आसानी से कदम रखा जा सकता है।
कंपनियों के नियमों के अनुसार, यदि आपके पास अपनी गाड़ी नहीं है, तो आप साइकिल, इलेक्ट्रिक साइकिल या किराए पर मिलने वाले वाहनों का उपयोग कर सकते हैं। कई प्रमुख प्लेटफॉर्म खुद भी अपने पार्टनर्स को साइकिल की सुविधा उपलब्ध कराते हैं या फिर थर्ड-पार्टी वेंडर्स के माध्यम से रेंटल ई-बाइक दिलवाने में मदद करते हैं। इससे उन युवाओं को बड़ा अवसर मिलता है जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन खरीदने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है।
दस्तावेजों की बात करें तो साइकिल या रेंटल ई-साइकिल से काम शुरू करने पर ड्राइविंग लाइसेंस और व्हीकल रजिस्ट्रेशन जैसे कागजातों की जरूरत नहीं पड़ती है। केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण और बेसिक केवाईसी दस्तावेजों के साथ काम शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा ऑन-बोर्डिंग फीस और किट का खर्च सीधे जेब से देने की बजाय साप्ताहिक कमाई से किस्तों में काटा जाता है, जिससे कामगारों पर शुरुआती आर्थिक दबाव कम होता है।
