दिल्ली में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण पर उठे सवालों का मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिया जवाब | delhi news
राजधानी दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिसों पर मचे राजनीतिक और सामाजिक बवाल के बीच निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। यह पूरी कवायद राजधानी के हर मतदाता के रिकॉर्ड को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आगामी चुनावों में किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रह सके। (delhi news)
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने इस पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नोटिस भेजने का मकसद किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाना नहीं है। यह कदम केवल वोटर लिस्ट में नाम, पता और उम्र के रिकॉर्ड को सही और दुरुस्त करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने साफ किया कि नोटिस मुख्य रूप से दो श्रेणियों के लोगों को भेजे गए हैं। पहली श्रेणी उन मतदाताओं की है जिनका डेटा वर्ष 2002 के रिकॉर्ड के साथ मैप नहीं हो सका है, जबकि दूसरी श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जिनके पुराने और नए डेटा में नाम, स्पेलिंग, जन्मतिथि या रिश्तेदार के नाम में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों को भी नोटिस मिला है, उन्हें किसी भी तरह की घबराहट या भ्रम में आने की आवश्यकता नहीं है। प्रभावित मतदाता अपने जरूरी दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल या ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं, या सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को उपलब्ध करा सकते हैं। दस्तावेजों की कमी या मानवीय भूलों जैसी छोटी-मोटी कमियों को दूर करने के लिए यह एक मौका है, जिससे दिल्ली के सभी योग्य नागरिकों का नाम अंतिम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जा सके।
