यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा फिर सपा में शामिल | up politics news
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच राजनीतिक दलों में फेरबदल का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में कानपुर के कद्दावर ओबीसी नेता और पूर्व मंत्री प्रो. राम आसरे कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता दोबारा ग्रहण कर ली है। इस वापसी को राज्य के पिछड़ा वर्ग समीकरण के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, जिससे चुनाव से ठीक पहले चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है [up politics news]।
राजनीतिक सफर और पुराना घटनाक्रम
प्रो. राम आसरे कुशवाहा का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने वर्ष 1996 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर सरसौल विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा था। अपने लंबे राजनीतिक करियर में वे उत्तर प्रदेश सरकार में छह बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। समाजवादी पार्टी के साथ उनका पुराना नाता रहा है, जहां उन्हें राष्ट्रीय महासचिव का पद और कुशवाहा समाज को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, वर्ष 2013 में कुछ बयानों के चलते तत्कालीन नेतृत्व ने उन्हें पद से हटाते हुए पार्टी से बाहर कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली थी।
भविष्य की राजनीतिक दिशा और जनता पर प्रभाव
गुरुवार को सपा में वापसी के बाद राम आसरे कुशवाहा ने अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूर्ण निष्ठा के साथ पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया है। इस तरह के दल-बदल से आम मतदाताओं के बीच यह संदेश जाता है कि नेता अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए समीकरण साधने में जुटे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर चुनावी चर्चाएं गर्म हो गई हैं।
