अलीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में कॉकटेल संक्रमण का बड़ा खतरा | aligarh news
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में संक्रामक रोगों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में भारी चूक देखने को मिल रही है। मलखान सिंह जिला अस्पताल और दीनदयाल अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। पर्चा काउंटर, जांच केंद्र और दवा वितरण खिड़की पर स्थिति यह थी कि विभिन्न संक्रामक बीमारियों से पीड़ित लोग बिना किसी दूरी के एक-दूसरे के करीब खड़े नजर आए [aligarh news]।
अस्पतालों में स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और सामान्य वायरल बुखार के मरीजों को अलग रखने के लिए कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं। सांस संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे लोग भी सामान्य सर्दी-जुकाम के मरीजों के साथ लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर दिखे। इस तरह की लापरवाही से एक मरीज का संक्रमण दूसरे स्वस्थ या कम गंभीर मरीज तक आसानी से पहुंच सकता है, जिसे ‘कॉकटेल संक्रमण’ या क्रॉस-इन्फेक्शन कहा जाता है।
शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क बनाई जाए, संदिग्ध मरीजों की शुरुआती स्तर पर ही पहचान की जाए और उन्हें सामान्य भीड़ से अलग रखा जाए। इसके बावजूद मैदानी स्तर पर इन निर्देशों की अनदेखी हो रही है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति आम जनता के स्वास्थ्य के लिए और अधिक घातक साबित हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
