कानपुर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाशोत्सव | kanpur news
कानपुर के प्रमुख गुरुद्वारों में सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाशोत्सव पर विशेष धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला देखने को मिली। जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब में मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जहां वर्ष 1947 में पाकिस्तान से लाई गई ऐतिहासिक हस्तलिखित आदि बीड साहिब के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से पधारे कथावाचकों और रागी जत्थों ने गुरुपर्व के इतिहास और गुरु वाणी से संगत को निहाल किया [kanpur news]।
समारोह के दौरान गुरुद्वारा कलगीधर, गुरुद्वारा श्री चंद्र दरबार और साकेत नगर स्थित गुरुद्वारा सत्संग सभा में भी विशेष दीवान सजाए गए। गोविंदनगर के गुरुद्वारा श्री कलगीधर सिंह सभा में दो दिवसीय महान गुरमति समागम की शुरुआत हुई, जहां सुखमनी साहिब के पाठ के साथ पंज प्यारों की अगुवाई में बिल्डिंग के विस्तारीकरण की नींव रखी गई। इन आयोजनों से शहर का आध्यात्मिक माहौल पूरी तरह से गुरुमय नजर आया और समाज की एकता के लिए विशेष अरदास की गई।
धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक एकता को मजबूती मिलती है, जो स्थानीय नागरिकों के बीच सौहार्द बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। गुरुद्वारों में आयोजित इन कार्यक्रमों के बाद प्रसाद और अटूट लंगर का वितरण किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में सभी वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया।
