उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान नहीं हटी खड़े हनुमान की प्रतिमा, प्रशासन ने रोकी कार्रवाई | mp crime news
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान एक अनूठा वाकया सामने आया है। मार्ग में आ रहे खड़े हनुमान मंदिर के पूरे ढांचे को तोड़ा जा चुका है, लेकिन गर्भगृह में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा इसे हटाने के लिए चार बार प्रयास किए गए और भारी-भरकम हाइड्रोलिक क्रेन का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इस अप्रत्याशित स्थिति के बाद प्रशासनिक अमले ने फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी है, जिससे आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। [mp crime news]
इस पूरी घटना का सीधा असर शहर के विकास कार्यों और स्थानीय धार्मिक भावनाओं पर पड़ रहा है। सड़क चौड़ीकरण का यह प्रोजेक्ट आगामी 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखकर तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, प्रतिमा के न हिलने के पीछे तकनीकी और पुरातात्विक कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिमा अपने नीचे मौजूद प्राकृतिक चट्टान या जमीन के साथ गहराई से जुड़ी हो सकती है, जिसके कारण इसे आसानी से विस्थापित करना संभव नहीं हो पा रहा है।
मंदिर के इतिहास और प्रतिमा की उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर पारंपरिक रूप से इसे डेढ़ से दो सौ साल पुराना बताया जा रहा है, वहीं पुरातत्व विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे परमार वंश और राजा भोज के काल यानी करीब एक हजार साल पुरानी पुरातात्विक धरोहर मान रहा है। प्रशासन अब इस मामले में विशेषज्ञों की राय लेकर आगे की रणनीति तैयार कर रहा है, ताकि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना विकास कार्यों को भी गति दी जा सके।
