लेखपालों पर एसीओ की कार्रवाई के विरोध में लेखपाल संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी | up politics news
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक और राजस्व महकमे में हलचल तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) द्वारा लेखपालों के खिलाफ की जा रही कथित गलत और अनुचित ट्रैप कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ खुलकर सामने आ गया है। संघ ने इस प्रकार की कार्रवाई को लेकर कड़ा आक्रोश जताया है और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। [up politics news]
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर लेखपाल बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच शासन की कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व से जुड़े दायित्वों को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन को पहले ही चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
बैठक और ज्ञापन के दौरान तहसीलों में जमे लिपिकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ का आरोप है कि लंबे समय से तहसीलों में तैनात एक दर्जन से अधिक लिपिकों के तबादले होने के बावजूद उनके पटल नहीं बदले गए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, वर्ष 2024 बैच के लेखपालों की दो साल की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद भी उनका स्थायीकरण न किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई।
प्रशासनिक स्तर पर इन न्यायसंगत मांगों के पूरा न होने से कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर जमीनी स्तर पर सरकारी कामकाज और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ सकता है। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया, तो कर्मचारी वर्ग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।
