लखनऊ में एमएड छात्रा का कार से अपहरण और मारपीट, lucknow crime news
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक विश्वविद्यालय की छात्रा को अपराधियों ने अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में भय का माहौल है और महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब मध्य प्रदेश की मूल निवासी और लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में स्पेशल एमएड द्वितीय वर्ष की छात्रा अपने कमरे पर लौट रही थी। आरोपी हरीश सिंह, जो खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बताता था और पिछले छह महीने से मृतका के संपर्क में था, ने जबरन उसके कमरे में घुसकर मोबाइल छीन लिया। इसके बाद फोन कर उसे बाहर बुलाया और पहले से तैयार खड़ी कार में पिस्टल के बल पर अगवा कर लिया।
अपहरण के बाद आरोपी छात्रा को आगरा एक्सप्रेस-वे के रास्ते कानपुर की तरफ ले गया। चलती कार में उसने न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसके कपड़े भी फाड़ दिए। सफर के दौरान जब गाड़ी में ईंधन खत्म हुआ, तो आरोपी एक पेट्रोल पंप पर रुका। खुद को बचाने की जद्दोजहद में लगी पीड़िता ने सूझबूझ का परिचय दिया और पंप पर उतरकर शोर मचाते हुए वहां से भागने में सफल रही। इसके बाद उसने तुरंत आपातकालीन पुलिस सेवा पर कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़िता ने कुछ महीने पहले एक अन्य युवक अनुज सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, जो फिलहाल जेल में बंद है। मुख्य आरोपी हरीश सिंह उसी का परिचित बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। इस तरह की घटनाएं समाज में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा असर डालती हैं, जिससे जनता में आक्रोश व्याप्त है।
