अलीगढ़ हनीट्रैप मामले में aligarh news के आरोपी अधिवक्ता को एक केस में मिली जमानत
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को हनीट्रैप के जाल में उलझाकर अवैध वसूली करने के गंभीर मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। अलीगढ़ में सामने आए इस घटनाक्रम के तहत आरोपी अधिवक्ता अनूप कौशिक को सत्र न्यायालय से आंशिक राहत प्राप्त हुई है। बन्नादेवी थाने में दर्ज मुकदमे पर सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
प्रकरण की पृष्ठभूमि के अनुसार, बीते पांच अगस्त को भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी एवं अधिवक्ता निधीश कांत भट्ट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि पूजा नामक महिला और वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप कौशिक ने उन्हें सुनियोजित तरीके से हनीट्रैप में फंसाया और दो लाख रुपये वसूल लिए। इस मामले में पुलिस ने पहले ही महिला काजल और उसके पति श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके अलावा, बरौली के चेयरमैन मनोज सिंह ने भी क्वार्सी थाने में एक अन्य मुकदमा दर्ज कराते हुए इसी गिरोह द्वारा आठ लाख रुपये ऐंठे जाने का गंभीर आरोप लगाया था।
निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद आरोपी अधिवक्ता ने सेशन कोर्ट का रुख किया था। क्वार्सी थाने वाले मामले में अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत को 15 सितंबर तक के लिए विस्तारित कर दिया है। इस तरह के अपराधों से समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ती है और पेशेवर तथा राजनीतिक साख पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
अलियागढ़ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखी है। अब देखना यह होगा कि आगामी सुनवाई में अदालत क्वार्सी थाने वाले मामले में क्या रुख अपनाती है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।
