कानपुर में यूपीटीटीआई कार्यक्रम, देश में technical education and engineering sector का हो रहा तेजी से विस्तार
कानपुर के उप्र वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान देश के तकनीकी विकास और औद्योगिक प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। संस्थान में प्लेसमेंट सेल और द इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स इंडिया कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में रायल चाटर्ड डे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश में तकनीकी शिक्षा के बढ़ते दायरे और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आ रहे बदलावों को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ताओं ने देश की तकनीकी यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश में केवल 38 इंजीनियरिंग कॉलेज हुआ करते थे और सीमित संख्या में इंजीनियर तैयार होते थे। समय के साथ इस सेक्टर में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और वर्तमान में हर साल लगभग 15 लाख इंजीनियर देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने के लिए तैयार हो रहे हैं। इस व्यापक विस्तार से देश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे को एक नई गति मिली है।
देश की आर्थिक और औद्योगिक ताकत को दर्शाते हुए यह भी बताया गया कि भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क बन चुका है, जिसके 99.3 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, भारत हर साल करीब 8000 रेल कोचों का निर्माण कर चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर काबिज है। निर्यात के मोर्चे पर भी देश मजबूत स्थिति में है, जहां कुल निर्यात का 48 प्रतिशत हिस्सा सर्विस सेक्टर से आ रहा है। स्वास्थ्य और वैश्विक बाजार की बात करें तो भारत दुनिया की कुल वैक्सीन का 60 प्रतिशत हिस्सा निर्मित कर अन्य देशों को भेज रहा है और देश में 400 से अधिक स्टार्टअप अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस प्रकार के तकनीकी और औद्योगिक विकास से देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तो पैदा हो ही रहे हैं, साथ ही वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति भी अधिक सुदृढ़ हो रही है। आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा मिलने से देश को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।
