कानपुर में 8 साल से फरार मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार, kanpur news में बड़ा खुलासा
कानपुर में कानून से लंबे समय से आँख मिचौली खेल रहा एक शातिर तस्कर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में वर्ष 2018 से फरार चल रहे बलरामपुर निवासी समीर को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक लंबी और गोपनीय कार्रवाई के बाद दबोच लिया। अदालत के तमाम आदेशों की अवहेलना करने वाले इस आरोपी की गिरफ्तारी से एनडीपीएस मामलों में फरार चल रहे अन्य अपराधियों में भी हड़कंप मच गया है।
कैसे बिछाया गया जाल
फरार चल रहे आरोपी समीर पर शिकंजा कसने के लिए एनडीपीएस सेशन कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए जीआरपी को उसे हर हाल में पेश करने के निर्देश दिए थे। अदालत की सख्ती के बाद सक्रिय हुई जीआरपी टीम ने बिहार के बलरामपुर इलाके में डेरा डाल दिया। लगातार सात दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी का नया मोबाइल नंबर हासिल किया और उसे सर्विलांस पर लगवा दिया। तकनीक की मदद से जैसे ही उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस हुई, पुलिस टीम ने सुबह पांच बजे उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे दबोच लिया।
नेपाल से जुड़ा था तस्करी का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि समीर नेपाल से चरस लाकर कानपुर और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया करता था। जमानत मिलने के बाद वह अदालत की तारीखों से लगातार गायब रहने लगा था। पुलिस से बचने के लिए उसने अनोखा तरीका अपनाया था। वह रात के वक्त करीब नौ बजे अपने घर सोने आता था और सुबह छह बजे तक रहता था, जबकि दिन में जंगल में झोपड़ी बनाकर छिप रहता था। पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी साफ हो गया है कि कैसे अपराधी कानून की नजरों से बचने के लिए अपनी जीवनशैली बदल लेते हैं।
आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानपुर लाया गया और अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कितने भी साल बीत जाएं, कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुँच ही जाते हैं। जनता के बीच इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से सुरक्षा का भाव मजबूत होता है और संगठित अपराधों पर लगाम लगती है।
