उन्नाव एनजीओ संचालक हत्याकांड: मुख्य आरोपी रवि किशन की रिमांड में खुलासा, up crime news में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
उन्नाव के चर्चित एनजीओ संचालक धीरेंद्र प्रताप सिंह के अपहरण और सनसनीखेज हत्याकांड मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य हत्यारोपी और मृतक के ड्राइवर रवि किशन को रिमांड पर लेकर पुलिस ने लंबी पूछताछ की, जिससे हत्या की कई परतें खुलकर सामने आई हैं।
रिमांड के दौरान पूछताछ और खुलासे
पुलिस ने अदालत के आदेश पर मुख्य आरोपी रवि किशन को रिमांड पर लिया था। लगभग 12 घंटे तक चली मैराथन पूछताछ के दौरान आरोपी से सौ से अधिक सवाल पूछे गए। शुरुआती दौर में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब अधिकारियों ने उसे सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य दिखाए, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ के दौरान रवि ने उस शख्स का नाम भी उजागर किया जिसने इस पूरी साजिश का सूत्रधार बनकर सुपारी दी थी और साथ ही उन शूटरों के बारे में भी बताया जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था।
घटनास्थल की निशानदेही और साक्ष्य संकलन
पूछताछ के बाद पुलिस टीम रवि किशन को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। किसान पथ के पास वह स्थान दिखाया गया जहां शूटरों ने धीरेंद्र को गोली मारी थी। इसके बाद दुबग्गा इलाके के अमेठिया गांव के पास नहर की तरफ ले जाया गया जहां शव को ठिकाने लगाया गया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त असलहे की बरामदगी और अन्य साक्ष्यों को जुटाने के लिए भी आरोपी की निशानदेही पर कई स्थानों पर छानबीन की।
पुलिस कार्रवाई और आगामी कदम
मुख्य आरोपी की निशानदेही और उसके द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी और रायबरेली समेत कई जनपदों में डेरा डाल दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस मामले में पुलिस पहले ही ड्राइवर की पत्नी, भाई और एक दोस्त को जेल भेज चुकी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
