जिला प्रशासन की सख्ती, up politics news के तहत विद्यालयों में कायाकल्प योजना की मांगी गई सूची
जनपद के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है। जिला मुख्यालय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मिशन प्रेरणा फेज-दो, निपुण भारत, ऑपरेशन कायाकल्प और मध्यान्ह भोजन योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे जनपद के समस्त विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करें। निरीक्षण के पश्चात विद्यालयवार स्थिति की एक विस्तृत सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के मुताबिक सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। जिन विद्यालयों में किसी भी प्रकार की कमियां पाई जाती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए।
ऑपरेशन कायाकल्प के निर्धारित 19 पैरामीटर के आधार पर विकास खंडवार सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा, योजना के तहत पूर्ण रूप से बाउंड्रीवॉल से आच्छादित विद्यालयों की अलग से ब्लॉक-वार रिपोर्ट मांगी गई है ताकि सुरक्षा और व्यवस्था का पुख्ता आकलन किया जा सके। इस प्रकार की प्रशासनिक सख्ती से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आने और स्कूलों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है, जिससे सीधे तौर पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रजनेश कुमार और जिला पूर्ति अधिकारी अरुण सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। आगामी समय में इन सूचियों के आधार पर लापरवाह स्तर पर कार्रवाई और विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है।
