कानपुर में मनाई गई एचएसआरए की स्थापना की वर्षगांठ, kanpur news के इतिहास में दर्ज है खास योगदान
देश के स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान देने वाले क्रांतिकारी संगठन ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) के स्थापना के 97 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर क्रांति स्मृति संरक्षण समिति द्वारा इंदिरा नगर में गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें शहर के कई गणमान्य लोग और इतिहास प्रेमी शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के स्वाधीनता आंदोलन के उन नायकों के संघर्ष से परिचित कराना था जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।
संगठन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि काकोरी एक्शन के बाद जब प्रमुख क्रांतिकारी गिरफ्तार हो चुके थे और स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों में कुछ समय के लिए ठहराव आ गया था, तब इस क्रांतिकारी दल का पुनर्गठन किया गया। आज के इस दौर में ऐसे ऐतिहासिक आयोजनों से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत और बलिदानियों के संघर्ष को जानने का अवसर मिलता है, जो सामाजिक और राष्ट्रीय एकता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
आज से 97 वर्ष पूर्व यानी 8 और 9 सितंबर 1928 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला के ऐतिहासिक खंडहरों में देश भर के चुनिंदा क्रांतिकारियों ने गुप्त बैठक की थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 10 क्रांतिकारी शामिल थे, जिनमें से पांच अकेले कानपुर से ताल्लुक रखते थे।
बैठक में कानपुर के प्रखर क्रांतिकारी विजय कुमार सिन्हा, सुरेंद्र पाण्डेय, शिव वर्मा, जयदेव कपूर और ब्रह्म दत्त मिश्रा ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इस संगठन ने बिखरे पड़े क्रांतिकारी आंदोलन को एक नया जीवन और दिशा प्रदान की। इस पूरे घटनाक्रम में डीएवी कॉलेज और स्थानीय प्रताप प्रेस की भूमिका भी बेहद अहम रही थी, जिसने स्वतंत्रता सेनानियों को वैचारिक और वैयक्तिक स्तर पर संबल दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने क्रांतिकारियों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
