रूस में फंसे कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता का मामला, raipur news या international news अपडेट
उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखने वाले एक इंजीनियर चंदन गुप्ता के रूस की राजधानी मॉस्को में फंसने और वहां की पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि परिवार ने रूसी सेना में जबरन शामिल किए जाने का गंभीर आरोप लगाया था। इस पूरी घटना ने विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता में भी चिंता का माहौल देखा गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनके पति, जो ‘हाईली क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट’ वीजा पर मॉस्को में रह रहे थे, उन्हें स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पत्नी का आरोप था कि चंदन पर रूसी सेना में शामिल होने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। चूंकि उन्हें स्थानीय भाषा और वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी नहीं थी, इसलिए मदद के लिए उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन से गुहार लगाई। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और प्रशासन स्तर पर हलचल तेज हो गई।
वायरल वीडियो के तूल पकड़ने के बाद भारतीय दूतावास तुरंत हरकत में आया और स्थानीय रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क साधा। इस बीच, भारत में पुलिस और जांच एजेंसियों ने कानपुर स्थित उनके पते की जांच की। चंदन के पिता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मॉस्को में एक सड़क दुर्घटना हुई थी, जिसके सिलसिले में स्थानीय पुलिस उनके बेटे को साथ ले गई थी। भाषा की अड़चन और संवादहीनता के कारण उनकी बहू ने घबराकर सोशल मीडिया पर यह वीडियो साझा कर दिया था।
स्थिति स्पष्ट होने के बाद नोएडा की उस कंपनी के अधिकारियों ने भी सक्रियता दिखाई जिसके जरिए चंदन रूस गए थे। कंपनी के प्रतिनिधियों ने भारतीय दूतावास के सहयोग से सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया। दूतावास के हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई के बाद चंदन को रिहा कर दिया गया और वह सुरक्षित अपनी पत्नी के पास लौट आए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विदेश में किसी भी आपात स्थिति के दौरान समय पर कूटनीतिक हस्तक्षेप कितना महत्वपूर्ण होता है।
