Agra News: ढोलना गांव में जर्जर सड़क और जलभराव के बीच अंतिम यात्रा निकालने को मजबूर हुए ग्रामीण
आगरा के कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ढोलना गांव में बदहाल बुनियादी ढांचे का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सड़क पर जलभराव और कीचड़ ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। लगातार उपेक्षा का शिकार यह मार्ग अब जनजीवन के लिए एक बड़ा संकट बन चुका है।
सोमवार को गांव के निवासी भगवान दास के निधन के बाद जब उनके परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की ओर जा रहे थे, तब उन्हें इस जर्जर बाईपास से होकर गुजरना पड़ा। सड़क पर भारी जलभराव और कीचड़ होने के कारण शोक में डूबे परिजनों को अपने प्रियजन के शव को कीचड़ के बीच से ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दर्दनाक वाकये ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बाहर से गुजरने वाला यह बाईपास मार्ग करीब दो किलोमीटर लंबा है और कई गांवों को आपस में जोड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे रोजाना आवागमन करने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और कामगारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खराब सड़कों के कारण आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे जनस्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष इस सड़क के निर्माण की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
