Kanpur News: घाटमपुर हादसे के बाद प्रशासन सख्त, जर्जर मकानों में रह रहे 15 परिवारों की सुरक्षा पर उठे सवाल
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद सामने आया है कि इलाके में मुकेश जैसे करीब 15 अन्य गरीब परिवार आज भी बेहद जर्जर और मिट्टी के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन घरों के हिस्से पहले ही ढह चुके हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
जनता में आक्रोश और प्रशासनिक कार्रवाई
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पात्र और जरूरतमंद लोगों की बजाय रसूखदारों को आवास बांटे जा रहे हैं, जबकि गरीब परिवार दर-दर भटकने को मजबूर हैं। इस लापरवाही के चलते पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ खुलकर अपना आक्रोश व्यक्त किया है।
अस्पताल प्रबंधन पर गिरी गाज
दूसरी ओर, हादसे के दौरान घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। लापरवाही बरतने के आरोप में पतारा सीएचसी के अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है, जबकि कई अन्य चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भी प्रशासनिक डंडा चला है। घाटमपुर के इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता में भारी रोष व्याप्त है।
